हमारे बारे में

हर खेल पर नजर

क्रिकेट देश में भगवान की तरह है। लेकिन जो खेल ग्लैमर से दूर हैं न उनका महत्व कम है और न प्रभाव। हर खेल के पीछे खिलाड़ी का पसीना, कोच की मेहनत और देश का मान बढ़ाने का जज्बा मौजूद है। एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक में पिछले कुछ सालों में मिली जीत ने कई खेलों के प्रति लोगों की रुचि और उम्मीद जगाई है। हमारी कोशिश खेल रिपोर्टर के जरिए 32 से ज्यादा खेलों से जुड़ी जानकारी सालभर आप तक पहुंचाने की होगी। हम गांव से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय फलक पर चमकने वाले खिलाडियों पर सीरीज प्रस्तुत करेंगे। देश के किसी भी हिस्से में किसी भी स्तर पर होने वाले खेलों को जगह देकर खेलसूत्र में खेलों, खिलाडियों, राज्यों और पाठकों को पिरोने की कोशिश करेंगे।

अनुभवी टीम

खेल जिंदगी का अहम हिस्सा है। जब बात देश के लिए खेलकर उसका मान बढ़ाने की हो तब बात ही अलग है। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के प्रति स्वाभाविक रुचि खेल समाचारों की जरूरत और महत्व बढ़ाती है। खेल से जुड़ी हिंदी वेबसाइट की संख्या बेहद कम है। हमारा प्रयास है देशभर के अनुभवी खेल पत्रकारों के जरिए खेलों की त्वरित व विश्लेषणात्मक जानकारी आप तक पहुंचाने की।

आपके सुझाव पहुंचाएंगे सरकार तक

खेलों में अब आकर्षक करियर है। कई राज्य खिलाडियों को बड़े पुरस्कार व अच्छी नौकरियां दे रहे हैं लेकिन यह अब भी नाकाफी है। बेहतर खेल के लिए हम आपके सुझाव और शिकायतें केंद्र व राज्य सरकारों तक पहुंचाने का वादा करते हैं। छोटे शहरों में खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी हम हिस्सा होंगे।

खेलों में भी विश्वगुरू रहा है भारत

कई खेलों का भारत से बेहद पुराना रिश्ता रहा है। अथर्ववेद में लिखी सूक्ति ‘‘Duty is in my right hand and the fruits of victory in my left’’ ओलंपिक में ली जाने वाली शपथ ‘‘For the honour of my country and the glory of Sport’’ से पूरी तरह मेल खाती है। खुदाई में निकली बौद्धकालीन प्रतिमाओं में बच्चे क्रिकेट की तरह का खेल खेलते हुए दिखते हैं। उनके हाथ में गेंद की तरह गोल आकृति, लंबा डंडा और कैच लेने की मुद्रा साफ दिखती है। समय के साथ तमाम खेलों को अलग अलग देशों ने अपना राष्ट्रीय खेल घोषित कर उनका जनक बताया।

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